Shayari

एहसान रहा इल्ज़ाम लगाने वालों

किसी ने हमसे कहा, इश्क़ धीमा ज़हर है, हमने मुस्कुराके कहा, हमें जल्दी पीना है। "मैं कौन हूँ यह पता चल जाये तो मुझे भी बता देना… —” काफी दिनों से तलाश है मुझे मेरी “—" जितना प्यार तुम्हें अब तक ख़्वाबों में किया है, उससे कहीं ज़्यादा हक़ीक़त में करने का अरमान है...!! देख… Continue reading एहसान रहा इल्ज़ाम लगाने वालों

Shayari

एक आखिरी ख़त लिखने की ख्वाईश थी।

प्रस्तुत शेर मेरे दोस्तों ने मुझे भेजे है जो मुझे काफी पसंद आये । मुझे यकीन है आपको भी ये सभी पसंद आएंगे।    दुनिया फरेब करके हुनरमंद हो गयी..~~* *हम ऐतबार करके गुनाहगार हो गये..~~*   मिजाज* *हमारा भी है* *कुछ - कुछ* *समन्दर* *के* *पानी जैसा..!* *खारे हैं*..... *मगर* *खरे हैं..!!* एक आख़री… Continue reading एक आखिरी ख़त लिखने की ख्वाईश थी।