From desk

A thought for children

ये मुझे व्हाट्सएप से एक मित्र ने भेजा । सोचा आपसे शेयर करूँ, सुबह 8 घंटे स्कूल में पढ़कर आए बच्चे को फिर 4-5 घंटे की कोचिंग भेज देते हैं। जिंदगी की दौड़ का घोड़ा बनाने के लिए, असलियत में हम उन्हें चूहादौड़ का एक चूहा बना रहे हैं। नहीं सिखा पा रहे जीने का… Continue reading A thought for children