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Pioneering a new era..

हरियर बस्तर बाजार

साभार: श्री अरीब अहमद (पी. एम. आर. डी. एफ.  )

जगदलपुर मे लालबाग के पास ,डाॅ. रमन सिंह ने “हरियर बस्तर बाजार “का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियर बस्तर बाजार एक बहुत अच्छी पहल है, जिसके माध्यम से हमारे बस्तर क्षेत्र की महिलाएं स्वसशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहीं है। उन्होंने कहा कि हरियर बस्तर बाजार के माध्यम से किसानों के उत्पाद बिना किसी बिचैलियों के सीधे ग्राहक तक पहुंच रहे हैं। जैविक खाद से उत्पादित इन स्वादिष्ट सब्जियों से बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी किसानों को बधाई दी, जिन्हांेने इस बाजार को मूर्त रूप दिया।
मुख्यमंत्री ने श्वेत बस्तर परियोजना द्वारा संचालित दुग्ध पार्लर का भी उद्घाटन किया। ग्राम तुरेनार स्थित डेयरी फार्म से दूध, पनीर, दही, लस्सी, छाछ, खोवा और खोवे से बनी मिठाईयां भी इस केन्द्र से विक्रय की जा रही है। हरियर बस्तर बाजार महिला सशक्तीकरण का एक बढ़िया उदाहरण है जिसमें अनेक लोगों को रोजगार मिल रहा है और जीरो बजट से व्यापार को प्रोत्साहन भी मिल रहा है। पहले किसान बिचैलियों के द्वारा कम मूल्य पर सब्जी बेच पाते थे पर वे अब सीधे ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं इससे उनका जीवन स्तर ऊंचा उठा है। DSCN3420
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डाॅ. सिंह सीधे किसानों से मुखातिब हुए और उन्होंने जिज्ञासावश कुछ सवाल भी किये जिसका जवाब किसान पूरे आत्मविश्वास से दे रहे थे। डाॅ. रमन सिंह ने महुआ लड्डू की स्वाद की तारीफ की। इस कार्य के लिए उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह की तारीफ भी की।
ज्ञात हो कि हरियर बस्तर बाजार जिला प्रशासन बस्तर की महत्वपूर्ण योजना है। इसके उद्घाटन के साथ ही शहर एवं आसपास की जनता को जैविक खाद से उत्पादित ताजी और हरी सब्जियां प्राप्त होगीं। इसके अलावा सुगंधित चावल, धान, मशरूम, कोदो, कुटकी, इमली चटनी और केचअप का विक्रय भी किया जाएगा। इसी प्रांगण में उद्घाटन अवसर पर डाॅ. रमन सिंह ने पूरे बाजार का भ्रमण किया .उन्हें एक फिल्म भी दिखाई गई साथ ही गोदाम, विक्रय केन्द्र और मुख्य हाॅल की व्यवस्था देखकर अत्यंत प्रभावित हुए।
हरियर बस्तर, जिले के किसानों की उन्नति के लिए जिला प्रषासन द्वारा उठाया गया एक कदम है, जिसके तहत किसानों को संगठित कर उनके उत्पाद को सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए शहर के बीचोंबीच हरियर बाजार के रुप में यह केन्द्र विकसित किया गया है, जहां किसान लगभग 100 प्रकार के कृषि उत्पाद सीधे ग्राहकों को उपलब्ध कराएंगे। यह सभी उत्पाद देशी पद्धति से उत्पादित होंगे। इनमें मौसमी सब्जियां, कंद, सुगंधित चांवल, कोदो, कुटकी, रागी, दाल जैसे उड़द, मूंग, राहर, चना, मटर, मसूर आदि विक्रय करेंगे। इसके साथ ही यहां के मौसमी फल जैसे तेंदू, आम का विक्रय किया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे महुआ लड्डू, इमली चटनी, टोमेटो कैचअप, दुग्ध उत्पाद जैसे दुध, दही, लस्सी, छाछ, आदि का विक्रय भी किया जा रहा है। इस केन्द्र में जैविक कृषि व बागवानी के इच्छुक लोगों के लिए जैविक खाद व दवा भी उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक रविवार को यहां जैविक कृषि व बागवानी का प्रषिक्षण भी दिया जाएगा। इस केन्द्र को सिर्फ विक्रय केन्द्र के तौर पर ही विकसित नहीं किया गया है, बल्कि कृषक अपने उत्पादों को देर तक ताजा रख सकें, इसके लिए 5 टन क्षमता का सौर ऊर्जा चलित शीत गृह भी स्थापित किया जा रहा है।

शासन द्वारा हमेशा प्रयत्न किया जा रहा है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो और ग्राहकों को किफायती दाम पर उच्च गुणवत्ता के कृषि उत्पाद प्राप्त हों, इस उद्देश्य से हरियर बाजार का निर्माण किया गया है। नवीन भवन के निर्माण के पूर्व यहां अस्थायी तौर पर निर्मित शेड में पिछले तीन माह से किसानों द्वारा अपने उत्पादों की बिक्री की गई तथा लगभग 18 लाख रुपए का व्यापार अल्पावधि में किया गया। इससे किसानों के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। किसानों को आर्थिक रुप से सशक्त करने के लिए पांच अलग-अलग संगठन बनाए गए और फिर इन संगठनों का एक संगठन तैयार किया गया। वर्तमान में इस संगठन में लगभग 5 हजार किसान जुड़ चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा हरियर बाजार के माध्यम से किसानों के सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए प्रयास किया जा रहा है।

Courtesy: Mr. Areeb Ahmad (PMRDF)