Shayari

ठिकाना कब्र है …

Click Here to know more of it.

1। …ठिकाना कब्र है तो कुछ तो कर मुसाफिर 

कहते है किसी के घर खाली हाथ नहीं जाते है 

2 खुद है उठाना होता है टूटा, थका हुआ बदन अपना 

कि जब तक साँस चलती है तो कोई कंधा नहीं देता 

मधुशाला की  पंक्तियाँ 

मदिरालय जाने को घर से चलता है पीने वाला

किस पथ से जाऊ असमंजस में है वो भोला-भाला

अलग- अलग पथ बतलाते सब, 

पर मै ये बतलाता हूँ ,,

राह पकड़ ..तू एक चला-चल पा जाएगा मधुशाला 

 

 

1 thought on “ठिकाना कब्र है …”

Comments are closed.