Shayari

Collection of Shayari

1। नज़र अंदाज़ करने की कुछ तो वजह बताई होती /

अब मै खुद में कहाँ कहाँ बुराइया खोजूँ ?

 

2। जो लिबासों को बदलने का शौक रखते थे कभी /

आखरी वक़्त ये कह न पाये कि ये कफन ठीक नहीं //

 

3.बेवजह दीवार पर इल्ज़ाम है बटवारे का /

कई लोग तो एक कमरे में भी अलग रहते है/

 

4.खामोशी बहुत कुछ कहती है कान लगाकर नहीं …

दिल लगाकर सुनो //

5.तारीफ़ करने वाले बेशक आपको
पहचानते होंगे,
मगर फ़िक्र करने वालो को आपको
ही पहचानना होगा…… है ना !!

6.ख़त के आखिर में लिखा था “बाकी बातें मिलने पर”..
मिले तो आँखें झुका ली कि “बाकी बातें ख़त में”

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